माफियाओं के चंगुल में उत्तहराखण्डत सरकार- सनसनीखेज आरोप
प्रस्तुंति- चन्द्राशेखर जोशी
22, March, 2015, 10.30AM (मिज़गान न्यूज़ नेट)
माफियाओं को संरक्षण देना ही सबसे बडी उपलब्धियॉ रही है सरकार की तीन वर्षों मेंः- अजय भट्ट तीन वर्षों की उपलब्धियॉ: माफियाओं के चंगुल में फॅसी रही सरकार: शराब माफियाओं से अंडरटेबल एग्रीमेन्ट #भू-माफियाओं, शराब माफियाओं और खनन माफियाओं को पूरी तरह से संरक्षण #254 करोड का चूना लगाया #जहॉ भी सरकारी जमीनों को खाली पाया सरकार उस पर भूखे भेडये की तरह से टूट पडी#प्रदेश में खनन माफियाओं के हौंसले सरकार की सह पर बुलंद # सरकार ने बेराजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने के लिए बडे-बडे होर्डिंग्स ऐसे लगाये मानो कि प्रदेश के बेरोजगारों को अब बेरोजगारी भत्ता पाने के बाद और कोई कार्य करने की आवश्यकता ही नहीं हो #आपदा राहत राशि की बंदरबॉट
नेता प्रतिपक्ष, उत्तराखण्ड विधान सभा श्री अजय भट्ट ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार की तीन वर्षों की उपलब्धियॉ यदि गिनायी जांय तो वो यह रही हैं कि इन तीन वर्षों के दौरान प्रदेश में भू-माफियाओं, शराब माफियाओं और खनन माफियाओं को पूरी तरह से संरक्षण मिला।
श्री भट्ट ने कहा कि तीन वर्षों के दौरान प्रदेश में जिस तरह से खनन, जमीन खरोद-फरोख्त और शराब माफियाओं का बोलबाला दिन दूनी रात चौगुनी उन्नति करने में पूरी तरह से सफल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जहॉ जहॉ भी सरकारी जमीनों को खाली पाया सरकार उस पर भूखे भेडये की तरह से टूट पडी और प्रदेश में खनन माफियाओं के हौंसले सरकार की सह पर इस कदर से बुलंद किये गये कि आम राहगीर को आये दिन अपनी जिन्दगी से हाथ धोना पडा तो प्रशासनिक अधिकारियों के ऊपर वाहन चढाने से लेकर पुलिस अधिकारियों पर फायरिंग दिन दहाडे ऐसे झौंके गये जैसे प्रदेश में कोई रखवाला ही नहीं हो।
श्री भट्ट ने कहा कि सरकार ने बेराजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने के लिए बडे-बडे होर्डिंग्स ऐसे लगाये मानो कि प्रदेश के बेरोजगारों को अब बेरोजगारी भत्ता पाने के बाद और कोई कार्य करने की आवश्यकता ही नहीं हो किन्तु चंद समय के बाद ही प्रदेश के बेरोजगारों को इस भत्ते को पाने के लिए जो दर-दर की ठोकरें खानी पडी और आज यह बेरोजगारी भत्ता पूर्ण तरह से बंद हो गया है। यह भी सरकार की बहुत बडी उपलब्धि रही है।
श्री भट्ट ने कहा कि पूरी सरकार इन तीन वर्षों में अपनी कुर्सी बचाने और स्वयं को चंद दिनों की मेहमान समझकर माफियाओं के चंगुल में इस कदर फॅसी रही कि उसे प्रदेश की जनता से कोई लेना-देना ही नहीं रहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकगण मुख्यमंत्री हटाओ और मुख्यमंत्री बचाओ में ही लगे रहे। श्री भट्ट ने कहा कि इन तीन वर्षों में सरकार की एक बडी उपलब्धि यह भी रही कि सरकार ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए अपने ही विधायकों के डैमेज कन्ट्रोल करने के लिए सभी विधायकों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर तमाम प्रकार की सुख-सुविधायें देकर प्रदेश के सरकारी खजाने पर करोडों रूपये का चूना लगाने से परहेज नहीं किया। श्री भट्ट ने कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान प्रदेश में लोकसभा चुनावों की आदर्श आचार संहिता के दौरान में ही शराब माफियाओं से सॉठ-गॉठ कर करोडों रूपये के अंडरटेबल एग्रीमेन्ट कर प्रदेश की पूरी शराब नीति को विभागीय अधिकारियों की प्रतिकूल टिप्पणियों के बावजूद भी बदल दिया और हमारे विरोध करने के बाद इस नीति को कुछ समय के लिए ठण्डे बस्ते में डाल दिया, आज पुनः सरकार प्रदेश की जनता को बरगलाते हुए इसी नीति को पुनः लागू करने के लिए पूरी तरह से आमादा हो गयी है, क्योंकि स्पष्ट है कि सरकार ने पूर्व में शराब माफियाओं से अंडरटेबल एग्रीमेन्ट कर लिया है। यह भी सरकार की इन वर्षों में एक बडी उपलब्धि है। श्री भट्ट ने कहा कि भू-माफियाओं से सरकार के इस कदर गम्भीर सम्बन्ध रहे कि हरिद्वार सिडकुल में २१४ एकड जमीन को सरकार के ईशारे पर हीरोमोटोकॉर्प कम्पनी ने वर्ष 2014 में वर्ष 2006 के सर्किल रेट पर रजिस्टीस करवा दी, वर्ष 2006 में सर्किल रेट जहां 1000 रू0 प्रति वर्ग मीटर थे तो वर्ष 20174 में 380 रू;0 प्रति वर्ग मीटर थे, इससे प्रदेश के सरकारी खजाने पर सरकार ने 254 करोड का चूना लगाया और यह कार्य पूरी तरह से सरकार के इशारे पर हुआ
श्री भट्ट ने कहा कि इन तीन वर्षों में प्रदेश की कानून व्यवस्था जिस तरह से चौपट हुई है प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी आदमियों को सब्जी की तरह से काटकर फेंक दिया जा रहा है और अपनी देवभूमि में भी बलात्कार, हत्यायें, लूट आदि जिस तरह से आम बात हो गयी है यह भी सरकार की ही उदासीनता की उपलब्धियों में आती है।
श्री भट्ट ने कहा कि आपदा के दौरान सरकार ने आपदा पीडतों के नाम पर अपने चहेतों को आपदा राहत राशि की बंदरबॉट करवा दी और जॉच में स्पष्ट होने के बाद भी उन लोगों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गयी। उन्होंने कहा कि आपदा के नाम पर जहॉ प्रदेश की जनता आये दिन रोटी और छत के लिए भटक रही है तो वहीं दूसरी ओर सरकार ने आपदा राहत राशि को ठिकाने लगाने के लिए उपजिलाधिकारियों के माध्यम से रू० ०२ करोड की धनराशि अपने चहेतों को बॉटने के लिए एक नया रास्ता बनाने में सफलता प्राप्त की।
श्री भट्ट ने कहा कि कुल मिलाकर देखा जाय तो इन तीन वर्षों में सरकार ने प्रदेश में भ्रष्टाचार को चरम पहचाने के साथ ही प्रदेश की जनता के साथ हर ओर जिस तरह से भद्दा मजाक किया वह माफ करने लायक नहीं है।
श्री भट्ट ने कहा कि यदि सरकार अपनी अन्तरआत्मा से स्वयं अपने तीन सालों की उपलब्धियों को देखे और इन तीन वर्षों में प्रदेश की जनता को किस कदर हर ओर कदम-कदम पर खून के ऑसू रोने को मजबूर होना पडे तो सरकार में थोडी भी इन्सानियत बची हो तो सरकार को स्वयं अपने पद प्रदेश हित में इस्तीफा दे देना चाहिए।
22, March, 2015, 10.30AM (मिज़गान न्यूज़ नेट)

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