स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री के अन्‍याय से पीडित परिवार मरने को विवश

प्रस्तुंति- चन्द्राशेखर जोशी
7, Sep, 2015, 9.40PM (मिज़गान न्यूज़ नेट)
दीप चन्द्र बुडलाकोटी को ५ माह से निलम्बन के उपरांत भत्ता तक नही मंत्री जी श्री सुरेन्‍द्र सिंह नेगी ने १४० कार्मिकों को पर्वतीय तथा सुदूरवर्ती स्थानों से लाकर देहरादून निदेशालय व देहरादून में अन्य सुगम स्थानों पर तैनात करवाया महानिदेशक आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवा निदेशालय ने पत्र संख्या १६४६४-६५ss_negiजी-२७५/२०१२ दि० १६ फरवरी २०१३ को द्वारा स्वास्थ्य मंत्री उत्तराखण्ड को अवगत कराया कि निदेशालय में मिनिस्टीरियल कर्मियों की कमी चल रही है, इसी को दृष्टिगत रखते हुए कर्मियों से विकल्प मांगे गये हैं। महानिदेशक द्वारा वस्तुस्थिति से मंत्री जी को अवगत कराते हुए आयुर्वेदिक एवं यूनानी मिनिस्टीरियल कर्मियों को निदेशालय में तैनात करने की अनुमति मांगी गयी। आयुर्वेदिक एवं यूनानी मिनिस्ट्रीरियल एसोसिएशन उत्तराखण्ड के प्रांतीय अध्यक्ष श्री विजय सिंह बिष्ट एवं प्रांतीय महामंत्री श्री दीप चन्द्र बुडलाकोटी को आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवा निदेशालय में सम्बद्व/तैनात किये जाने के लिए अनुमति मांगी गयी २५ मार्च २०१३ को संबंधित मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी द्वारा महानिदेशक को पत्र लिखकर अवगत कराया गया कि मिनिस्ट्रीरियल कर्मियों की तैनाती आयुष महानिदेशालय में अपने स्तर से कराना सुनिश्चित करें। इसके बाद श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी मंत्री चिकित्सा, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, आयुष, आयुष शिक्षाः उत्तराखण्ड सरकार द्वारा १३ मार्च २०१५ को आयुष महानिदेशक को पत्र भेजा गया कि श्री डीसी बुडलाकोटी प्रशासनिक अधिकारी जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय हरिद्वार से आयुर्वेदिक निदेशालय देहरादून में सम्बद्व है, को जनहित में तत्काल प्रभाव से मूल तैनाती स्थान के लिए कार्यमुक्त करें। इसके उपरांत मंत्री जी श्री सुरेन्‍द्र सिंह नेगी ने १४० कार्मिकों को पर्वतीय तथा सुदूरवर्ती स्थानों से लाकर देहरादून निदेशालय व देहरादून में अन्य सुगम स्थानों पर तैनात करवाया हैं। आयुर्वेदिक निदेशालय में कार्यरत दीप चन्द्र बुडलाकोटी प्रशास० अधिकारी का संविलियन न कर नियम विरुद्व सम्बद्वता समाप्त की गयी जिसका विरोध करने पर निलम्बित कर दिया गया। वही ज्ञात हो कि आयुर्वेदिक विभाग में १४६ अधिकारी/ कर्मचारी निदेशालय व अधीनस्थ कार्यालय में सम्बद्व है। यदि सम्बद्वता समाप्त की जानी थी तो बुडलाकोटी के साथ साथ उन सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की भी समाप्त की जानी चाहिए थी। वही बुडलाकोटी को तो सम्बद्वता से हटाया जा रहा है वही हरिद्वार से २ कार्मिक बुलाकर निदेशालय देदून में सम्बद्वता दी जा रही है। इससे साफ है कि बुडलाकोटी को द्वेषभावना के तहत कार्य किया गया, फिर निलम्बित किया गया। ५ माह से निलम्बन के उपरांत भत्ता तक नही दिया जा रहा है जो नैसर्गिक न्याय के विरुद्व तथा शासकीय नियमों का उल्लंघन है। यह १४० कार्मिक आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग उत्तराखण्ड में मूल तैनाती स्थान से अन्यत्र /तैनाती अधिकारी कर्मचारियों की सूची जो सूचना अधिकार से प्राप्त है। १- डा० जितेन्द्र भाटिया- पदनाम- चिकित्साधिकारी- मूल तैनाती- कुणजौली पौडी- सम्बद्वता स्थानः कोटद्वार पौडी २- डा० राजेश कुमार- पदनाम- चिकित्साधिकारी- मूल तैनाती- जसपुर खाल पौडी- सम्बद्वता स्थानः गुरूकुल हरिद्वार ३- डा० सतीश कुमार सिंह- पदनाम- चिकित्साधिकारी- मूल तैनाती- कुणजलखल पौडी- सम्बद्वता स्थानः गुरूकुल हरिद्वार ४- डा० आरती पाठक- पदनाम- चिकित्साधिकारी- मूल तैनाती- पडियारगांव पौडी- सम्बद्वता स्थानः गुरूकुल हरिद्वार ५- डा० सीमा कोठारी- पदनाम- चिकित्साधिकारी- मूल तैनाती- कोटा महादेव पौडी- सम्बद्वता स्थानः कोटद्वार पौडी ६- डा० निशांत कुमार मिश्र- पदनाम- चिकित्साधिकारी- मूल तैनाती- फरसाली पौडी- सम्बद्वता स्थानः जोगीमडी पौडी ७- डा० विजय कुमार शर्मा- पदनाम- चिकित्साधिकारी- मूल तैनाती- स्योलीखण्ड पौडी- सम्बद्वता स्थानः भमांगांव पौडी ८- डा० विजय सिंह राणाः पदनाम- चिकित्साधिकारी – मूल तैनाती- सतपुली पौडी- सम्बद्वता स्थानः मोटादांग पौडी ९- डा० कौशल किशोरः पदनाम- चिकित्साधिकारी – मूल तैनाती-भरपूर पौडी- सम्बद्वता स्थानः लालपानी पौडी १०- डा० ऋतु सिंह पदनाम- चिकित्साधिकारी – मूल तैनाती- सिवाल पौडी- सम्बद्वता स्थानः रणाकोट पौडी इसी तरह हमारे पास १४० कार्मिकों की सूची है जिनको मूल तैनाती से हटाकर सम्बद्वता की गयी है। श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी मंत्री चिकित्सा, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, आयुष, आयुष शिक्षाः उत्तराखण्ड सरकार के अन्याय से पीडित होकर दीप चन्द्र बुडलाकोटी की माताजी श्रीमती हेमन्ती देवी ने मुख्यमंत्री को मार्मिक पत्र लिखकर कहा है कि महोदय मेरी उम्र ७७ साल है, मेरा पुत्र दीप चन्द्र बुडलाकेटी प्रशासनिक अधिकारी के पद पर आयुर्वेदिक निदेशालय में सम्बद्व/तैनात है। आयुर्वेद निदेशालय के १४ सम्बद्व कार्मिकों में से केवल भेदभाव के तहत मेरे पुत्र को हटाया जा रहा है, जबकि विभाग में १४६ कार्मिक सम्बद्व है। ३१ जुलाई २०१५ को ५ चिकित्साधिकारी और निदेशालय में २ लिपिक काबिना मंत्री ने अपने क्षेत्र विशेष के सम्बद्व कर दिये। स्वास्थ्य मंत्री जी आयुर्वेद निदेशालय मे क्षेत्र विशेष के ही कार्मिक को ही लाना चाहते हैं। अन्यों से इतनी द्वेषभावना रखना समझ से परे हैं, केवल २ कार्मिकों को हटाने के तुरंत बाद २ क्षेत्र विशेष के लिपिकों को हरिद्वार जनपद से निदेशालय देहरादून उनके स्थान पर सम्बद्व करना इस बात को सिद्व करता है। दीप चन्द्र बुडलाकोटी की माताजी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि मेरा पुत्र १५५ दिन से निदेशालय में सत्याग्रह में हैं, वही स्वास्थ्य मंत्री द्वेषभावना से इतने ग्रसित हैं कि पहले निलम्बन अब ४ माह से भरण पोषण भत्ता भी नही दिया जा रहा है। मा० स्वास्थ्य मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी तथा निदेशक द्वारा मानसिक उत्पीडन किया जा रहा है। ५ माह से निलम्बन भत्ता न मिलने से पूरा परिवार भुखमरी के कगार पर है तथा बच्चों की शिक्षा बंद हो गयी है। विभाग में १४६ सम्बद्व कार्मिकों की भी सम्बद्वता समाप्त हो तथा मेरे पुत्र को बहाल किया जाए अन्यथा मुझे भी मुख्यमंत्री आवास पर धरना के लिए विवश होना पडेगा या टंकी पर चढना पडेगा जिसकी जिम्मेदार सरकार/विभाग होगा। ।
7, Sep, 2015, 9.40PM (मिज़गान न्यूज़ नेट)

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