मधुर रस धार
कृष्ण कान्त मधुर
Krishna Kant Madhur
कृष्ण कान्त मधुर 8:11pm Apr 20

_______ मधुर रस धार _______
संस्कार के नाम हमारे पास बचा है ,
अब अंतिम संस्कार करो और उसको रो लो .

ये मैली चादर है अब ना साफ हो सके ,
कोई तौलिया नहीं की डिटर्जेंट से धो लो .

मौन बड़ा उत्तर है पी ऍम का या सी ऍम का ,
जितने दोषी वे हैं उतने तुम भी दोषी .

कहो पराया धन इन बहन बेटियों को तुम ,
बिन दहेज़ के मत लो शर्मा हो या जोशी .

एक दिन दहल जाओगे प्यारे इज्जत वालो ,
मरा आदमी और जानवर जाग रहा है .

प्यारी और मासूम लली के आगे पीछे ,
बहशी और शैतान दरिंदा भाग रहा है .

आन बचाओ मान बचाओ शान बचाओ ,
कुत्तों से अपना देहली दालान बचाओ .

पहले बेटी की रक्षा में आगे आओ ,
हो सकता है फिर तुम हिंदुस्तान बचाओ .

*********************** मधुर

Copyright © 2011-12 www.misgan.org. All Rights Reserved.